आज की गृहिणी की ज़िंदगी विज्ञान और आधुनिक सुविधाओं के कारण जितनी आसान दिखाई देती है, उतनी ही समय के साथ जटिल भी होती जा रही है। वॉशिंग मशीन, गैस, मिक्सर और इंटरनेट जैसी सुविधाओं ने काम को तेज़ जरूर बनाया है, लेकिन अपेक्षाएँ भी उतनी ही बढ़ गई हैं। घर के काम आसान होने के बावजूद गृहिणियों की जिम्मेदारियाँ कम नहीं हुई हैं, बल्कि मानसिक दबाव पहले से अधिक बढ़ गया है।जब एक नई नवेली दुल्हन विवाह के बाद अपने ससुराल आती है, तो हमारे भारतीय समाज में आज भी उससे यह उम्मीद की जाती है कि उसे घर