कुछ समय बाद राजन उस जगह लौट आया और फिर जल्द ही खाना पीना हो जाने के बाद राजन और उसके घरवालों ने विदा ली। त्रिशा के पापा ने तो रात तक रुक कल त्रिशा का जन्मदिन मनाने के बाद जाने का आग्रह किया किंतु उसे शिष्टाचार के साथ राजन के घरवालों ने अस्वीकार कर दिया। उन लोगों के जाने तक शाम के पांच बज चुके थे और सुबह से लगे होने के कारण सभी थक भी गए थे इसलिए त्रिशा, मोनिका, कल्पना और त्रिशा की मामी आराम करने अपने कमरों में चली गई क्योंकि रात आठ बजे से फिर मेहमान