ऑनलाइन कवि सम्मेलन की तैयारी में नीलिमा पुरानी अलमारी खंगाल रही थी |विषय था- "अपनी पहली रचना"|सोच रही थी, उस पुरानी डायरी को ढूंढ ले, जिसमें अपने शुरुआती दिनों की कविताएँ लिखी थीं |एक पुरानी डायरी हाथ लग ही गई | धूल झाड़कर जैसे ही पन्ने पलटने लगी, अचानक एक तह किया हुआ कागज़ बीच से फिसलकर गिरा |नीलिमा ने उसे खोला… और एक पल के लिए जैसे समय ठहर गया।यादों की पगडंडी पर वह सालों पीछे चली गई, अपने बारहवीं कक्षा के दिनों में |वो उम्र… जब वह साँवली, दुबली-पतली, साधारण नैन-नक्श वाली लड़की थी |घर में बाकी तीनों