ये कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। आतंकियों के खिलाफ दो अफ़सर और दो लेडी ऑफिसर का खतरनाक मिशन, जंगल और शहर में लगातार एक्शन, सस्पेंस और तबाही से भरा। शहादत, घायल अफ़सर और निर्दोषों की रक्षा—देशभक्ति और साहस की यह रोमांचक कहानी केवल मनोरंजन के लिए है।ऑपरेशन त्रिशूल-ए-भारत काली रात और तेज़ हवाओं के बीच, अरब सागर की लहरें हिंसक हो रही थीं।दूर पश्चिमी तट पर दो काले बोटें बिना किसी रोशनी के आगे बढ़ रही थीं। उनमें बैठे लोग इंसान नहीं, बल्कि मौत के पैग़ाम। उनके हाथों में हाई-कैलिबर हथियार, चेहरे पर नफ़रत की परछाई। उनके लक्ष्य साफ़ था—भारत को