बड़े दिल वाला - भाग - 5

अभी तक आपने पढ़ा कि अनन्या वीर के पत्र को पढ़कर भावुक हो गई और मन ही मन अनुराग से दूरी बनाने का निश्चय करने लगी। ससुराल में स्वागत के बाद भी उसके विचार वीर के इर्द-गिर्द ही घूमते रहे। सुहागरात पर जहाँ अनुराग उत्साहित था, वहीं अनन्या वीर की यादों में डूबी हुई सो गई। अब इसके आगे- अनन्या को गहरी नींद में सोता देखकर अनुराग ने सोचा, कितने चैन से सो रही है ... थक गई होगी, सोने देता हूँ, ऐसे में उठाना पूरा स्वार्थी लगने जैसा ही होगा। वह भी अनन्या के बाजू में लेट गया। वह