ट्रिपलेट्स भाग 4

ट्रिपलेट्स भाग 4लेखक राज फुलवरे अध्याय 8 : अंडरग्राउंड लैब — जहाँ इंसान प्रयोग बन जाते हैंभाग 1 : अंधेरे की सीढ़ियाँरात के बारह बज चुके थे।शहर के बाहर, जर्जर फैक्ट्री के पीछे ज़मीन के नीचे जाती लोहे की सीढ़ियाँ।राज सबसे आगे था।उसके हाथ में टॉर्च, आँखों में आग।राज (धीमी आवाज़ में):“यहीं से मेरी ज़िंदगी छीनी गई थी।”अमर ने वायरलेस चेक किया।अमर:“तीन गार्ड… कैमरे एक्टिव हैं।”प्रेम ने मुस्कराने की कोशिश की।प्रेम:“तो स्वागत ज़ोरदार होगा।”सीढ़ियों से नीचे उतरते ही—लोहे के दरवाज़े के पीछे मशीनों की आवाज़।भाग 2 : प्रयोगशाला — जिंदा कब्रदरवाज़ा खुलते ही बदबूदार हवा बाहर आई।काँच के केबिन।अंदर लोग—आधे बेहोश,