सच्चे गुरु का प्रकाश

हिमालय की गोद में बसे एक छोटे से गाँव में आदित्य नाम का एक युवक रहता था। आदित्य बहुत जिज्ञासु स्वभाव का था। उसे हमेशा जीवन का रहस्य जानने की तलाश रहती थी। वह सोचता, “मैं कौन हूँ? जीवन का उद्देश्य क्या है?” इन प्रश्नों के उत्तर उसे कहीं नहीं मिलते थे।गाँव के लोग उसे समझाते, “जीवन का उद्देश्य तो परिवार पालना, खेती करना और भगवान का नाम लेना है।” लेकिन आदित्य का मन इन उत्तरों से तृप्त नहीं होता था। उसका मन हमेशा बेचैन रहता।एक दिन गाँव में खबर आई कि पास के जंगल में एक महान संत आए