लोक संगीत•कॉमकजरी ने जल्दी जल्दी घर के काम निपटाए। उसे आज नर्मदा भाभी के घर बुलव्वे में जाना था। नर्मदा भाभी की बेटी की शादी थी। नर्मदा भाभी ने दोपहर में गाने बजाने का कार्यक्रम रखा था। ऐसे किसी भी बुलव्वे की कजरी शान होती थी। ढोलक की थाप पर वह बहुत सुंदर और मनमोहक गीत गाती थी।सारा काम निपटाने के बाद कजरी तैयार हुई। उसने छोटे से आईने में खुद का चेहरा देखा और माथे की बिंदी ठीक की। चलने से पहले उसने अपने बच्चों से कहा,"तुम दोनों चुपचाप पढ़ाई करना। हम नर्मदा ताई के घर जा रहे हैं।