Sex vs ब्रह्मचारी

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भाग 1 – आरंभअर्जुन एक साधारण परिवार का युवक था। वह पढ़ाई में अच्छा था और बचपन से ही धार्मिक वातावरण में बड़ा हुआ था। उसके गुरुजी हमेशा कहते –“बेटा, ब्रह्मचर्य ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। जिसने इंद्रियों पर काबू पा लिया, वही महान बनता है।”लेकिन जब अर्जुन कॉलेज पहुँचा, तो उसकी ज़िंदगी बदलने लगी। वहाँ उसने देखा कि उसके दोस्त रिश्तों, प्रेम और शारीरिक आकर्षण में पड़ चुके हैं। धीरे-धीरे उसके मन में भी सवाल उठने लगे—“क्या वास्तव में ब्रह्मचर्य ही सही रास्ता है? या फिर जीवन में प्रेम और सेक्स भी ज़रूरी है?”---भाग 2 – आकर्षण