नेहरू फाइल्स - भूल-123

भूल-123 पुरुषोत्तम दास टंडन के प्रति दुर्व्यवहार और कैसे नेहरू ने निरंकुश शासन की कामना की बिल्कुल अलोकतांत्रिक तरीके से देश के पहले प्रधानमंत्री (कृपया भूल#6 देखें) बननेवाले ‘महान् लोकतांत्रिक’ नेहरू ने पटेल के निधन से पहले सन् 1950 में पार्टी पर अपने पूर्ण वर्चस्व के लिए अपनी पसंद के पार्टी अध्यक्ष को चुनकर पूरी मोर्चेबंदी कर ली। नेहरू ने एकतरफा रूप से जे.बी. कृपलानी को अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया; हालाँकि वे और पटेल पूर्व में कृपलानी का समर्थन नहीं करने पर सहमति प्रदान कर चुके थे। पटेल बहुत आहत हुए और उन्होंने कहा, “मैं भीतर तक