भूल-115 नेताजी सुभाष बोस के प्रति दुर्व्यवहार नेताजी की मृत्यु की जाँच करवाने, जाँच रिपोर्ट को प्रभावित करवाने (भूल#112), आई.एन.ए. के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया रखने (भूल#114) और नेताजी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने लायक न समझने (भूल#111) के अलावा नेहरू सरकार इतनी विरुद्ध रही कि उसने सन् 1947 में संसद् भवन में नेताजी का चित्र लगवाने से भी इनकार कर दिया। 11 फरवरी, 1949 के एक गोपनीय मेमो में, जिस पर मेजर जनरल पी.एन. खंडूरी के हस्ताक्षर हैं, में सरकार ने सिफारिश की—‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्रों को प्रमुख स्थानों—यूनिट लाइंस, कैंटीन, क्वार्टर गार्ड्स या रिक्रिएशन रूम में स्थापित नहीं