भूल-110 अभिमानी, दंभी और घमंड से भरे हुए नेहरू खुद को एक महान् अकादमिक एवं बुद्धिजीवी, एक अत्यधिक जानकार व्यक्ति, एक अंतरराष्ट्रीयवादी एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार, ‘वैज्ञानिक’ स्वभाव तथा सोचवाले एक उदारवादी, आधुनिकतावादी, समझदार और ऐसा व्यक्ति, जिसे यह पता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्या अच्छा है—निश्चित ही भारतीय राजतंत्र और जनता के लिए भी—मानते थे। इतना ही नहीं, वे इस हद तक अभिमानी थे कि उन्हें अधिकतर लोग अपने आगे बहुत कमतर दिखते थे। वे उन्हें अपमानजनक रूप से देखते थे और उनके कथनों एवं सोच को ‘बचकाने’, ‘किशोर वय’ इत्यादि कहते थे। विडंबना यह है कि अगर