[ 9. वंशवादतंत्र और तानाशाही प्रवृत्तियाँ ]भूल-95 नेहरू के तानाशाही तरीके “दिल की गहराइयों से नेहरू हमेशा एक तानाशाह, एक शीर्ष दर्जे के राजनेता और अपनी बात को मनवाने का हुनर जाननेवाले थे। उन्हें सिर्फ गांधी और पटेल का डर था— उनकी नैतिकता और लोगों पर जबरदस्त पकड़ के चलते गांधी से और दृढ़ता, भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल न होने की आदत तथा पार्टी में पकड़ के चलते पटेल से।” —इतिहासकार मक्खन लाल (मैक/251) “और बात तब पूरी तरह से बरदाश्त से बाहर हो गई, जब भारत के प्रधानमंत्री ने साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाकर कांग्रेस के अध्यक्ष पद से श्रीमान पी.डी. टंडन को हटाना