नवंबर की सर्द रात थी। दिल्ली में मौसम बदल रहा था, लेकिन आरव शर्मा के दिल में ठंड पहले से ही घर कर चुकी थी।"कल से फिर वही अंधेरा आने वाला है," आरव ने अपने लैपटॉप स्क्रीन पर चमकते हुए न्यूज़ हेडलाइन को घूरते हुए कहा।"हाँ, और इस बार यह अंधेरा पहले से भी ज्यादा खतरनाक होगा," नैना वर्मा ने जवाब दिया। वह एक वैज्ञानिक थी, जो पिछले पांच सालों से इस अजीबोगरीब घटना पर रिसर्च कर रही थी।आरव, नैना, अयान और जिया – चारों लोग एक ही मकसद से एक साथ आए थे। वे इस रहस्य को उजागर करना