----------------------------------------- देश में सब तरफ आतंक छाया हुआ है. मर्द बेचारे थर थर कांप रहे हैँ. प्राचीन काल से आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ. अब तक जो अबला, बेचारी, आँचल में दूध किस्म की, सहमी, सकुचाई सी स्त्री थी वह अलोप हो गई. उसकी जगह स्त्री टु पॉइंट ओ आ गई है जो मर्द की भाषा और उसकी जुबान से भी चार कदम आगे है. वह नाचते हुए, प्यार से बतियाते हुए दूसरे मर्द के टुकड़े कर देती है. और ऊपर से भोली भाली मासूम बनती है. कुछ मर्द तो बाकायदा चेतावनी देकर मरे यूट्यूब पर की भाइयों इनसे