हनुमंत पच्चीसी और अन्य छंद 4 'हनुमत हुंकार' संग्रहनीय पुस्तक प्रस्तुत 'हनुमत हुंकार' पुस्तक में हनुमान जी के स्तुति गान और आवाहन से सम्बंधित लगभग 282 वर्ष पहले मान कवि द्वारा लिखे गए 25 छंद हैं , जिनके अलावा उन्ही मान कवि के छह छंद ' हनुमान पंचक' के नाम से शामिल किए हैं, तथा 'हनुमान नख शिख' के नाम से 11 छंद लिए गए हैं। राम के जमातदार, जौमदार यार तू तौ, ढाहि आयो खलन, निवाह आयो दास कौं। लङ्क कौं लपेट करौ अच्छ कौं निपच्छ, रन दच्छ है प्रतिच्छ रक्ष कुल के विनाश कौं ॥ कियौ