दिन ढलने लगा था। घर में एक सन्नाटा पसरा हुआ पर दो धड़कते दिल आमने सामने बैठे थे। एक का दिल सिसक रहा था तो दूसरा अपने जज़्बातों में उलझा जा रहा था। शिजिन ने गहरी सांस ले कर कहा :" तुम एक मज़बूत लड़की हो! तुम पर तरस नहीं खाया जा सकता, तुम से मुतासिर हुआ जा सकता है और मैं तुम से इंप्रेस हूं इस लिए तुम यहां हो!"बेला ने एक लंबी सांस लेकर अपने अंदर की सारी हिम्मत जुटाई और कहने लगी :" तुम बखूबी जानते होंगे जब मग़रिबी मुल्क ने हम पर हमला कर दिया था