प्रार्थना:माँ सरस्वती वरदान दो, मुझको नवल उत्थान दो। यह विश्व ही परिवार हो, सब के लिए सम प्यार हो । आदर्श, लक्ष्य महान हो । माँ सरस्वती..........मन, बुद्धि, हृदय पवित्र हो, मेरा महान चरित्र हो। विद्या विनय वरदान दो। माँ सरस्वती.... माँ शारदे हँसासिनी, वागीश वीणा वादिनी। मुझको अगम स्वर ज्ञान दो। माँ सरस्वती, वरदान दो। मुझको नवल उत्थान दो।उत्थान दो। उत्थान दो...।मंत्र:सर्वे देवी रत्नमयीं पूजयन्ति मातरं। आशीर्वादे सुख, ऐश्वर्यं प्राप्तिम्।अर्थः सभी देवी-माताएँ रत्नमयी होती हैं और उनका पूजन करने से सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। माँ की कृपा से जीवन में सभी प्रकार की समृद्धि आती है।गर्भ संवाद“मेरे बच्चे! ईश्वर की उपासना से न केवल आत्मिक शांति मिलती है,