धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र। युद्ध का मैदान तैयार था। तलवारें चमक रही थीं, बाण संधान हो चुके थे, और रणभूमि की धरती पर घोड़ों की हिनहिनाहट गूंज रही थी। महाभारत का यह युद्ध था, जिसमें पांडव और कौरव अपनी-अपनी किस्मत आजमाने वाले थे। इसी महायुद्ध में एक ऐसा वीर योद्धा भी था, जिसने अपने अद्वितीय साहस और शौर्य से सभी को चकित कर दिया था। उसका नाम था - अभिमन्यु। अर्जुन और सुभद्रा के पुत्र, अभिमन्यु की वीरता की कहानी किसी अद्भुत कथा से कम नहीं है। महाभारत के इस अद्वितीय योद्धा का जन्म तब हुआ जब उनके माता-पिता अपने धर्म और