रौशन राहें - भाग 14

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भाग 14: अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और नई पहचानकाव्या का अभियान अब न केवल भारत तक, बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैल चुका था। उसका मिशन, जो एक छोटे से गाँव से शुरू हुआ था, अब एक वैश्विक आंदोलन में बदल चुका था। समाज में बदलाव लाने के लिए काव्या ने अपना दृष्टिकोण और प्रयास दोनों को विस्तृत किया था। उसकी यह यात्रा अब पूरी दुनिया में महिलाओं के अधिकारों, समानता, और सामाजिक न्याय की दिशा में एक प्रेरणा बन चुकी थी।विकसित देशों में मिशन की शुरुआतकाव्या और आनंद ने अपने अंतरराष्ट्रीय अभियान की शुरुआत विकसित देशों से की, जहां महिला