रौशन राहें - भाग 6

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भाग 6: रास्ते की नई चुनौतीकाव्या ने महिला सम्मेलन में अपने भाषण से जो बदलाव की लहर शुरू की थी, वह अब धीरे-धीरे पूरे विश्वविद्यालय में फैलने लगी थी। उसका आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गया था। लेकिन जीवन में हर सफलता के साथ नई चुनौतियाँ भी आती हैं, और काव्या अब जिस दिशा में बढ़ रही थी, वहाँ उसकी राह में कई बाधाएँ आनी बाकी थीं।विश्वविद्यालय में उसका नाम अब एक नई पहचान बन चुका था। लड़कियाँ उसे एक प्रेरणा मानने लगीं, और धीरे-धीरे वह उन लड़कियों के लिए एक मार्गदर्शक बन गई