बांग्ला हिन्दू [हिन्दी नाटक] रचयिता - व्रजेश दवे पात्र – मैं, रिक्शावाला, इतिहास, एक ध्वनि मैं – [भारत के पूर्वी नगर कछुबेड़िया से गंगासागर जाने के लिए रिक्शावाले से ] गंगासागर चलोगे क्या, भैया?रीक्षावाला – क्या आप बांग्लादेश चलोगे?मैं –