76=== इस प्रकार अनन्या का मनु की पत्नी के रूप में परिवार में प्रवेश हो गया और जैसे एक नया सवेरा पूरे वातावरण में खिल उठा| हाँ, आशी की चिंता तो अभी सबके ही मन में रेंग रही थी| जाने अभी क्या गुल खिलेंगे? सबके मन में यही घबराहट चल रही थी---अब जो ईश्वर को मंजूर होगा, देखा जाएगा, यहीं पर आकर चिंता को ठिठक जाना था| दिन गुजरते जा रहे थे| अभी भी आशी को पिता की खबर लेने की कोई सुध नहीं थी| दीना जी अपने वकील से मिलकर मनु और आशी के तलाक का रास्ता