शून्य से शून्य तक - भाग 74

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74===    अनन्या की मम्मी पशोपेश में थीं जो एक बेटी की माँ की हैसियत से स्वाभाविक ही था| मन में उमड़-घुमड़कर पचासियों सवाल मुँह बाए सामने आकर खड़े हो रहे थे|  "आप डैडी से मिलिए, घर का वातावरण देखिए, मेरी छोटी बहन रेशमा भी यहीं----बल्कि हम तीनों भाई-बहन ही डैडी-मम्मी के एक्सीडेंट के बाद इनके पास ही रहते हैं| हम लोग आपको छोड़ने आ जाएंगे वरना अगर आप आज वहाँ रहना चाहें तो---"मनु के मुँह से निकला|  "क्या बात कर रहे हो?मैं बेटी के घर जाकर रहूँगी ?छोटा है या बड़ा लेकिन मेरा अपना घर है जो बहुत है