सन्यासी -- भाग - 24

  • 2.4k
  • 1.2k

जयन्त अपना चेकअप कराकर क्लीनिक से वापस घर लौट आया और उसने सभी को बताया कि मैं अब बिलकुल ठीक हूँ और डाक्टर साहब ने ये भी कहा है कि मैं अब काँलेज भी जा सकता हूँ और वो दो चार दिन बाद मेरा चेकअप करने खुद यहाँ आऐगें,मुझे उनकी क्लीनिक पर जाने की जरूरत नहीं है....      और फिर दूसरे दिन जयन्त को चैन ना पड़ा और वो अपनी साइकिल पर नहीं मोटर में बैठकर काँलेज की ओर निकल गया,काँलेज पहुँचा और जब वीरेन्द्र ने उसे देखा तो खुशी के मारे उसे गले लगाकर बोला...."यार! कहाँ चला गया था तू!