ईमानदारी का ईनाम…..

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एक राहजन रहजनी करने के लिए दूर जंगल में रास्ता भटक गया. रास्ते में उस दूर एक व्यक्ति दिखाई दिया राहजन मन ही मन सोचने लगा चलो इस को लूटते हैं जैसे ही उसके पास पहुँचा जो भी तेरे पास हैं सब कुछ निकाल दे व्यक्ति ने जेब में से चाकू निकाल कर के उस राहजन के हाथ में दे दिया राहजन व्यक्ति से बोला ये क्या हैं व्यक्ति राहजन से बोला में भी तेरा जैसा ही रहमान ही हूँ और तरी तरह इस जंगल में रास्ता भटक गया हूँ , अब तो दोनो की स्थिति देखने लायक़ थी …