हंस अकेला रोया

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हंस अकेला रोया अचानक लाश जलने की बदबू विपिन को आने लगी। मुड़कर चारों तरफ देखा। दूर-दूर तक कहीं कोई नहीं था। भोर होने को थी। घास पर ओस की बूंदें बिखरी थीं। ये बूंदें उसकी आँखों में भी उतर आईं। पर ये दुर्गंध कहाँ से आ रही है ? शायद कोई जानवर... नहीं-नहीं, उ