3. आत्मा की अमरता (Immortality of Soul)
श्रीकृष्ण ने अर्जुन को मोह से निकालने के लिए कहा कि मृत्यु केवल शरीर की होती है, आत्मा की नहीं।
• "नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।" (आत्मा
को न शस्त्र काट सकते हैं, न अग्नि जला सकती है।)
• यह सीख हमें सिखाती है कि जीवन में होने वाले
नुकसान या अपनों के खोने पर अत्यधिक शोक नहीं
करना चाहिए, क्योंकि जीवन का सार शाश्वत
(eternal) है।