सूरज चाँद तारे सब मेरे साथ में रहे।
जब तक तेरे हाथ मेरे हाथ में रहे,
साखों से टूट जाए ऐसे पत्ते नही है हम।
आंधियो से कहदो औकात में रहे।

Hindi Shayri by mayank makasana : 438
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