खुली आंखो से जब तुम सपने देखोगी
फिर आँखे बंद करके मुझे भूलने की कोशिश करोगी
पर तब भी तुम मुझे ही याद करोगी
कोरे कागज पर जब जब तुम कुछ लिखोगी,
मुझे छोड़ के इस जिंदगी से जब कुछ नया शीखोगी,
पर तब भी पुराने लम्हों मे मुजे ही याद करोगी
खिड़की खोल के जब तुम बहार कुछ खोजोगी,
तब यादोंकी पुरानी बारीशमे तुम जरूर भिगोगी,
पर उन पुरानी यादोंमे भी तुम मुझे ही याद करोगी
यादो को छुपाने जब तुम किसी ओर को चाहोगी,
तुम्हारी ज़िंदगी के हर एक राह मे मुझे पाओगी,
उन राहो मे भी तुम मुझे ही याद करोगी
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