हर शाम एक सुहानी यादों सी हो,
दिल की हर धड़कन में कोई बात सी हो।
खामोशी भी जैसे कुछ कहती चली जाए,
रात की हर सन्नाटे में मुलाक़ात सी हो।
न नाम की ज़रूरत, न कोई वजह लगे,
बस एक एहसास हो… जो हर बार पास सी हो।
कुछ पल यूँ ही ठहर जाए वक़्त के साथ,
हर लम्हा जैसे किसी ख़्वाब की सौगात सी हो।❤️