हम अपने हालतों के स्वयं ही ज़िम्मेदार होते है. ये अलग बात है कि उसका ज़िम्मेदार परिस्थितियों को बना देते है. परिस्थिति चाहे जो भी हो लेकिन निर्णय तो हमारे होते है. मैंने ग़लत निर्णय लिया. ग़लत रास्तों पर चले तो भुगतना भी पड़ेगा कुछ निर्णय होते है जो ग़लत हो जाए तो उनका भुगतान जीवन भर करना होता है. और इस बार मैं मानसिक रूप से प्रताड़ित हूँ लेकिन सिर्फ़ अपने ही ग़लत निर्णय के कारण. कभी सोचा नहीं था कि मेरी एक गलती इतनी भयावह हो जाएगी..!!