जब हम किसी से प्रेम करते हैं उस के प्रेम में हम सोचते हैं की हमे सुकून मिलेगा, वो हमारे लिए दुनिया की सारी खुशी हैं पर वो तो हमारी आत्मा तक को बिखेर के रख देता हैं जैसे हम प्रेम में हैं हम उनके लिए सोचते हैं वो तो शायद प्रेम में हैं ही नहीं उसके लिए ना हमारे आँसू मायने रखते है ना ये मायने रखता हैं की हमे उनकी बातो से दुख होता हैं..