और अचानक एक दिन तुम्हारी बारी आएगी !
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जीवन में अक्सर ऐसा समय आता है जब हमें लगता है कि हम एक लंबी कतार में खड़े हैं, दूसरों को सफलता, पहचान या खुशी पाते हुए देखते हैं, और सोचते हैं कि हमारी बारी कब आएगी। ऐसा महसूस होता है कि हमारे प्रयास नज़रअंदाज़ हो रहे हैं, जैसे कि समय ठहर गया हो। पर याद रखना, यह संसार एक निरंतर चक्र में चलता है। हर रात के बाद सुबह होती है, हर पतझड़ के बाद बहार आती है। ठीक उसी तरह, संघर्ष और प्रतीक्षा का यह दौर भी अस्थायी है। बस तुम्हें निरंतरता बनाए रखनी है, अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना है, और अपने काम में ईमानदारी रखनी है। और फिर, एक दिन, बिल्कुल अचानक, तुम्हारी बारी आएगी। जिस पल तुम यह उम्मीद खो रहे होगे, उसी क्षण किस्मत का दरवाज़ा खुलेगा और सारे रुके हुए अवसर तुम्हारे सामने होंगे। वह दिन तुम्हारे धैर्य, समर्पण, और विश्वास का प्रमाण होगा।