आजकल के रिश्ते में लोग चाहते है कि सामने वाला इंसान सब कुछ समझे, बिना बोले, बिना पूछे, बिना रूठे, उनकी परेशानी उनका गुस्सा उनकी ignorence सब कुछ झेले, और उन्हें हमेशा खुश भी रखें..,
और उनके लिए हमेशा loyal भी रहे, लेकिन बदले में उनसे कुछ भी expect ना करे, ना loyalty की ना प्यार की ना उनसे अपने खुशियों की, वो जैसे चाहे हमारे साथ व्यवहार करे, मगर हम उनसे कुछ भी ना कहे बस उनकी खुशियों का ख्याल रखें...
उनकी emotion की responsibility उठाएं, हम उनके लिए emotinal हॉस्पिटल बन जाएं, जहां वो सिर्फ़ treatment लेने आए ठहरने नहीं, हमारी खामोशियों और हमारी तकलीफों को समझने नहीं...
और जब कभी हम अपने हक के लिए अपनी खुशियों के लिए उनसे कुछ बोल दे तो, उल्टा हमें ही blame करके हमसे मुंह भी मोड़ लेते है, आजकल के relationship आसान नहीं है...
हम एक normal इंसान की तरह enter करते है, और mental patient बनकर बाहर निकलते है...