बिहार की धरती पर जन्म लेने वाले रामधारीसिंह दिनकर ! जिन्होंने हिन्दी साहित्य में अपना प्रमुख योगदान प्रदान किया! जिनको 'दिनकर ' से ही जाना जाता है! चाहे वो कवि के रुप में हो या निबंधकार के रूप हो! देश में
राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत अपनी कविताओं से ‘दिनकर’ जी ने राष्ट्रीयता के स्वर को बुलंद किया। देश के लोकतंत्र पर हुए सबसे बड़े आघात आपातकाल का उन्होंने निडर होकर विरोध किया और उनकी कविता ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ उस आंदोलन का स्वर बनी।
राष्ट्रकवि दिनकर को कोटिशः नमन।