Quotes by Robin in Bitesapp read free

Robin

Robin

@robin9360


#KAVYOTSAV -2

मन में  उभरता एक सवाल हूँ 

शांत हूँ, उन्माद हूँ 

बेचैन, बदहाल 

हूँ आंधियों से लड़ता , एक इंसान हूँ 

तुम्हारी तरह !

न  फरमानों  कि  महफिल कि शान हूँ 

बेखौफ हूँ, बदनाम हूँ 

परेशान , अनसुलझा हूँ 

रक्त से सींचता वतन , एक फौलाद हूँ 

तुम्हारी तरह !

गीत गाता एक मुसाफिर हूँ 

शून्य हूँ , सम्पूर्ण  हूँ 

मंजिल - ए - राह , दु:खद  

हूँ संघर्ष का गाता गीत , एक जीत गान 

हूँ 

तुम्हारी तरह !

सूर्य  से बिछड़ी  एक किरण हूँ 

पर आस हूँ , विश्वास हूँ 

भटकता , लड़खड़ाता 

टूटते सपनों का , एक संसार हूँ 

तुम्हारी तरह !

बंधते उम्मीदों की एक गांठ हूँ 

वृद्ध हूँ , बीमार हूँ 

अखण्ड , अथक हूँ 

अविस्मरणीय गाथा  हूँ 

जर्जर रिश्तों के घर की , एक दीवार हूँ 

तुम्हारी तरह ! 

Read More