hindi Best Motivational Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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गीता से श्री कृष्ण के 555 जीवन सूत्र - भाग 60 By Dr Yogendra Kumar Pandey

विचार सरिता सब कुछ अपने अनुसार नहीं होतागीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है:-नैव तस्य कृतेनार्थो नाकृतेनेह कश्चन।न चास्य सर्वभूतेषु कश्चिदर्थव्यपाश्रयः।।3/18।।तस्मादसक्तः सततं कार्य...

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उजाले की ओर –संस्मरण By Pranava Bharti

======= स्नेहिल नमस्कार साथियों निम्न संवाद से मन पीड़ित हुआ - - " मुझसे मत उम्मीद करना कि इतने लोगों के बीच में जाकर रहूँगी। " सुमी बड़बड़ कर रही थी। "...

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रिहाई का इंतजार By नंदलाल मणि त्रिपाठी

जब तुम्हारे रिहाई के आदेश औपचारिक रूप से आ जाएंगे तब रिहाई के बाद तुम्हे माँ के पास ले चलूंगा तुम्हे दो माँ एक साथ आशीर्वाद देंगी एक तो तुम्हारी माँ जिसने तुम्हारे इन्तज़ार में जीना...

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मजदूर - भाग 2 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

रामू अपने कार्यालय में एक दिन सुबह ठीक दस बजे पंहुचा आये पत्रों को और समस्याओं को पढ़ता शुरू किया और उसके उचित निदान का निर्देश अपने पी आर ओ को देता जाता ।एका एक रामू की निगाह एक बं...

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पेंडुलम By sudha jugran

“पेंडुलम”विद्या ने जूते हाथ में लिए, दुपट्टा गले में लपेटा और उठ कर रेत पर नंगे पांव चलने लगी। दूर क्षितिज पर थके हारे सूरज का इंतजार करती धरती से मिलन का दृश्य आल्हादित कर रहा था।...

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गेहूं कटाई By ANKIT YADAV

गैहुँ कटाईसुमित की माँ एक टोकरी मे खाना रखते हुए सुमित से बोली जल्दी चलो सुमित, तुम्हारे पापा खेत मे हमारी राह देख रहे होगे। सुमित आज कुछ निरस सा प्रतीत जान पड़ रहा था। उसकी रुचि आज...

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Life changing story By TULSI RAM RATHOR

एक समय की बात है एक बहुत बड़े साम्राज्य का एक बहुत शक्तिशाली राजा था. उस राजा की एक बहुत बुरी बात थी, वो बुरी बात यह थी कि  अगर उस राजा के शासन में किसी से कोई गलती हो जाती थी तो उस...

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दिल कि आवाज By नंदलाल मणि त्रिपाठी

डॉ तरुण राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इंटर्नशिप किया था उसी समय उसकी मुलाकात डॉ सुमन लता से मुलाकात हुई दोनों अच्छे दोस्त बन चुके थे।डॉ तरुण को जब भी फुरसत मिलती वह डॉ लाता से मिलने...

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बूढ़े मास्टर जी By Ashok Kaushik

दरवाज़े पर घंटी बजी | पत्नी रसोई में व्यस्त थी, तो गोपाल स्वयं ही दरवाज़ा खोलने के लिए उठा |“अरे ..., गुरु जी, आप ....” - गोपाल को अपनी आँखों पर बिलकुल विश्वास नहीं हो रहा था | बीस व...

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आदिवासी देवता By नंदलाल मणि त्रिपाठी

तरुण ने डॉ लता से बताया कि उसे मसूरी जाना है मेडिकल कॉन्फ्रेस है एव घूमना भी हो जाएगा डॉ लता ने कहा क्यो न मैं भी तुम्हारे साथ मसूरी चलू घूमना फिरना हो जाएगा तरुण ने कहा मुझे कोई आ...

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करुणा By नंदलाल मणि त्रिपाठी

फोर्टिस के सामने एक दंपति अपने छोटे से बच्चे को राममसनोहर लोहिया अस्पताल गया वहां के डॉक्टरो ने उस बच्चे की गहन जांच की और बताया कि बच्चे के हार्ट वाल में जन्म से ही प्रबल्म है जिस...

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जीवन By Karunesh Maurya

यह कहानी है एक युवक की जो अपने अध्ययन के लिए दूसरे शहर में जाता है। वह नये शहर में रहने के लिए एक किराए के घर में जाता है। उसकी पड़ोसी एक अलग ही किस्म की औरत होती है। वह एक विधवा हो...

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आकर्षक By नंदलाल मणि त्रिपाठी

महाकाल युवा समूह ने कुम्भ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खान पान भंडारे एवं स्वास्थ्य की व्यवस्था कि जिम्म्मेदारी लिया और महादेव परिवार ने कुम्भ मेले में साफ सफाई की व्यवस्था...

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अंधेरे में खिलता गुलाब By sudha jugran

“अंधेरे में खिलता गुलाब”उससे शिवांगी की मुलाकात बैंक में हुई थी अपने डेविट कार्ड में आ रही परेशानी को ठीक करवाने के दौरान। वह डेविट कार्ड से कोई भी ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पा रही थी।...

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सफलता की चाबी By Krishna

जाट और बनिया बहुत अच्छे मित्र थे। बनिया बहुत पूजा पाठ करता और जाट को तो पुजा का पता ही नही था, क्या होती है। बनिया हर रोज मंदिर में पूजा करने जाता था। चाहे दुनिया इधर से उधर हो जाए...

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किसान और ईश्वर By Krishna

एक बार एक किसान परमात्मा से बड़ा नाराज हो गया ! कभी बाढ़ आ जाये, कभी सूखा पड़ जाए, कभी धूप बहुत तेज हो जाए तो कभी ओले पड़ जाये! हर बार कुछ ना कुछ कारण से उसकी फसल थोड़ी ख़राब हो जा...

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चमत्कार By नंदलाल मणि त्रिपाठी

ओंकारेश्वर में सालिग राम समूह के समर्पण खंडवा के जंगलों एव असा अहीर के किले के दहसत खौफ डर की समाप्ति पर मीडिया ने सुर्खियों में स्थान दिया उस समय सोसल मीडिया व्हाट्सएप ट्यूटर फेसब...

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पश्चाताप By नंदलाल मणि त्रिपाठी

उज्जैन में कुम्भ मेला समाप्त हो चुका था भीड़ भगदड़ के अलावा कोई घटना नही घटित हुई थी। आशीष की मैट्रिक परीक्षाएं शुरू होने वाली थी उसने अपना ध्यान परीक्षाओं पर केंद्रित कर रखा था लेकि...

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क्षमा शक्ति By नंदलाल मणि त्रिपाठी

महाकाल के समीप विशाल पंडाल लगा हुआ था मंदिर न्यास को भयंकर गर्मी के तांडव एव लू के दौरान आम जन के विशेष सहयोग के लिए सम्मानित किया जाना था।देव जोशी जी एव मंदिर न्यास से जुड़े सभी लो...

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धर्म अधर्म By नंदलाल मणि त्रिपाठी

आशीष इंस्पेक्टर सर्वदमन सिंह एव रम्या रमन कलावती से विदा लेकर उज्जैन के लिए रवाना हुआ उसके मानस पटल पर काशी से बीना तक की यात्रा के एक वर्ष जीवन के कुरुक्षेत्र के संग्राम का एक एक...

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कुरुक्षेत्र By नंदलाल मणि त्रिपाठी

रेलगाड़ी अपनी रफ़्तार से चलती जा रही थी देश के बिभन्न कोनो से बिभन्न जाती धर्मो भाषा के लोग एक साथ आपने अपने गंतव्य की तरफ चले जा रहे थे किसी के बीच कोई बैर भाव नही बल्कि सभी एक दूसर...

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जीवन उत्सव By नंदलाल मणि त्रिपाठी

आशीष रेलगाड़ी से गोरखपुर जंक्सन पर उतर गया रात को ही उसने भोजन किया था एक फूटी कौड़ी उसके पास नही थी यह उसका सौभाग्य ही था कि कप्तान गंज से गोरखपुर के बीच किसी भी टी टी से मुलाकात नह...

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आज ही क्यों नहीं ?? By Dhruv Prajapati

एक बार की बात है एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था | गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री...

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प्रो विकास दिव्यकीर्ति By Guri baba

आज इस लेख डॉ विकास दिव्यकीर्ति जीवन परिचय में हम जानेंगे कि कैसे वे IAS ऑफिसर की नौकरी छोड़कर शिक्षा और लेखन को अपना वेवशाय बनाया। विकास दिव्यकीर्ति का जन्म 26 dec. 1973 में हरियाण...

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क्या आज कल मां बाप पढ़ पाते है अपने बच्चो का मन? - 2 By Mansi

Chep 2 नमस्ते दोस्तो केसे है आप , तो मे आपसे फिर से मिल रही हूं क्या आज कल मा बाप पढ़ पाते है अपने बच्चो का मन? का part 2 के साथ। तो चलिए आज भी में आपको ले चलती हु मेरे मन की बातो...

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तवायफ By नंदलाल मणि त्रिपाठी

मुसई को जन्म देते ही अनिता चल बसी मंगल को बच्चे के लालन पालन के लिए बड़ी मुश्किलें आने लगी धन दौलत कि कोई कमी नही थी अतः उनके पास गांव वाले नित नए नए प्रस्ताव लेकर उनकी दूसरी शादी क...

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भारत - भारत वर्ष By Guri baba

भारत का इतिहास कई सहस्र वर्ष पुराना माना जाता है। भारत का प्राचीन नाम अजनाभवर्ष था। ऋषभदेव के सौ पुत्रों में सबसे बड़े पुत्र भरत के नाम पर बाद में भारतवर्ष पड़ा।65,000 साल पहले, पह...

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जीवन का सत्य By Deepak Singh

                                                                           जीवन का सत्य 1-हमें अपने जीवन का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्रता और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है। हमें जो...

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बोलते पत्थर By नंदलाल मणि त्रिपाठी

सत्तेस गढ़ राजघराना जंगलों के बीच छोटा सा रियासत जिसकी अपनी पहचान धाक हमेशा से रही हैं प्रसिद्ध रहस्यमय उपन्यास के उपन्याकार देवकी नंदन खत्री जी ने अपने उपन्यास चंद्रकांता संतति की...

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इंग्लिश भाषा By Guri baba

ऐतिहासिक दृष्टि से, अंग्रेज़ी भाषा की उत्पत्ति ५वीं शताब्दी की शुरुआत से इंग्लैंड में बसने वाले एंग्लो-सेक्सन लोगों द्वारा लायी गयी अनेक बोलियों, जिन्हें अब पुरानी अंग्रेज़ी कहा जा...

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हिंदी भाषा By Guri baba

इसे सुनेंहिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना गया है। सामान्यतः प्राकृत की अन्तिम अपभ्रंश अवस्था से ही हिन्दी साहित्य का आविर्भाव स्वीकार किया जाता है। उस समय अपभ्रं...

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गीता से श्री कृष्ण के 555 जीवन सूत्र - भाग 60 By Dr Yogendra Kumar Pandey

विचार सरिता सब कुछ अपने अनुसार नहीं होतागीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है:-नैव तस्य कृतेनार्थो नाकृतेनेह कश्चन।न चास्य सर्वभूतेषु कश्चिदर्थव्यपाश्रयः।।3/18।।तस्मादसक्तः सततं कार्य...

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उजाले की ओर –संस्मरण By Pranava Bharti

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रिहाई का इंतजार By नंदलाल मणि त्रिपाठी

जब तुम्हारे रिहाई के आदेश औपचारिक रूप से आ जाएंगे तब रिहाई के बाद तुम्हे माँ के पास ले चलूंगा तुम्हे दो माँ एक साथ आशीर्वाद देंगी एक तो तुम्हारी माँ जिसने तुम्हारे इन्तज़ार में जीना...

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मजदूर - भाग 2 By नंदलाल मणि त्रिपाठी

रामू अपने कार्यालय में एक दिन सुबह ठीक दस बजे पंहुचा आये पत्रों को और समस्याओं को पढ़ता शुरू किया और उसके उचित निदान का निर्देश अपने पी आर ओ को देता जाता ।एका एक रामू की निगाह एक बं...

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पेंडुलम By sudha jugran

“पेंडुलम”विद्या ने जूते हाथ में लिए, दुपट्टा गले में लपेटा और उठ कर रेत पर नंगे पांव चलने लगी। दूर क्षितिज पर थके हारे सूरज का इंतजार करती धरती से मिलन का दृश्य आल्हादित कर रहा था।...

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गेहूं कटाई By ANKIT YADAV

गैहुँ कटाईसुमित की माँ एक टोकरी मे खाना रखते हुए सुमित से बोली जल्दी चलो सुमित, तुम्हारे पापा खेत मे हमारी राह देख रहे होगे। सुमित आज कुछ निरस सा प्रतीत जान पड़ रहा था। उसकी रुचि आज...

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Life changing story By TULSI RAM RATHOR

एक समय की बात है एक बहुत बड़े साम्राज्य का एक बहुत शक्तिशाली राजा था. उस राजा की एक बहुत बुरी बात थी, वो बुरी बात यह थी कि  अगर उस राजा के शासन में किसी से कोई गलती हो जाती थी तो उस...

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दिल कि आवाज By नंदलाल मणि त्रिपाठी

डॉ तरुण राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इंटर्नशिप किया था उसी समय उसकी मुलाकात डॉ सुमन लता से मुलाकात हुई दोनों अच्छे दोस्त बन चुके थे।डॉ तरुण को जब भी फुरसत मिलती वह डॉ लाता से मिलने...

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बूढ़े मास्टर जी By Ashok Kaushik

दरवाज़े पर घंटी बजी | पत्नी रसोई में व्यस्त थी, तो गोपाल स्वयं ही दरवाज़ा खोलने के लिए उठा |“अरे ..., गुरु जी, आप ....” - गोपाल को अपनी आँखों पर बिलकुल विश्वास नहीं हो रहा था | बीस व...

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आदिवासी देवता By नंदलाल मणि त्रिपाठी

तरुण ने डॉ लता से बताया कि उसे मसूरी जाना है मेडिकल कॉन्फ्रेस है एव घूमना भी हो जाएगा डॉ लता ने कहा क्यो न मैं भी तुम्हारे साथ मसूरी चलू घूमना फिरना हो जाएगा तरुण ने कहा मुझे कोई आ...

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करुणा By नंदलाल मणि त्रिपाठी

फोर्टिस के सामने एक दंपति अपने छोटे से बच्चे को राममसनोहर लोहिया अस्पताल गया वहां के डॉक्टरो ने उस बच्चे की गहन जांच की और बताया कि बच्चे के हार्ट वाल में जन्म से ही प्रबल्म है जिस...

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जीवन By Karunesh Maurya

यह कहानी है एक युवक की जो अपने अध्ययन के लिए दूसरे शहर में जाता है। वह नये शहर में रहने के लिए एक किराए के घर में जाता है। उसकी पड़ोसी एक अलग ही किस्म की औरत होती है। वह एक विधवा हो...

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आकर्षक By नंदलाल मणि त्रिपाठी

महाकाल युवा समूह ने कुम्भ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खान पान भंडारे एवं स्वास्थ्य की व्यवस्था कि जिम्म्मेदारी लिया और महादेव परिवार ने कुम्भ मेले में साफ सफाई की व्यवस्था...

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अंधेरे में खिलता गुलाब By sudha jugran

“अंधेरे में खिलता गुलाब”उससे शिवांगी की मुलाकात बैंक में हुई थी अपने डेविट कार्ड में आ रही परेशानी को ठीक करवाने के दौरान। वह डेविट कार्ड से कोई भी ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पा रही थी।...

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सफलता की चाबी By Krishna

जाट और बनिया बहुत अच्छे मित्र थे। बनिया बहुत पूजा पाठ करता और जाट को तो पुजा का पता ही नही था, क्या होती है। बनिया हर रोज मंदिर में पूजा करने जाता था। चाहे दुनिया इधर से उधर हो जाए...

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किसान और ईश्वर By Krishna

एक बार एक किसान परमात्मा से बड़ा नाराज हो गया ! कभी बाढ़ आ जाये, कभी सूखा पड़ जाए, कभी धूप बहुत तेज हो जाए तो कभी ओले पड़ जाये! हर बार कुछ ना कुछ कारण से उसकी फसल थोड़ी ख़राब हो जा...

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चमत्कार By नंदलाल मणि त्रिपाठी

ओंकारेश्वर में सालिग राम समूह के समर्पण खंडवा के जंगलों एव असा अहीर के किले के दहसत खौफ डर की समाप्ति पर मीडिया ने सुर्खियों में स्थान दिया उस समय सोसल मीडिया व्हाट्सएप ट्यूटर फेसब...

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पश्चाताप By नंदलाल मणि त्रिपाठी

उज्जैन में कुम्भ मेला समाप्त हो चुका था भीड़ भगदड़ के अलावा कोई घटना नही घटित हुई थी। आशीष की मैट्रिक परीक्षाएं शुरू होने वाली थी उसने अपना ध्यान परीक्षाओं पर केंद्रित कर रखा था लेकि...

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क्षमा शक्ति By नंदलाल मणि त्रिपाठी

महाकाल के समीप विशाल पंडाल लगा हुआ था मंदिर न्यास को भयंकर गर्मी के तांडव एव लू के दौरान आम जन के विशेष सहयोग के लिए सम्मानित किया जाना था।देव जोशी जी एव मंदिर न्यास से जुड़े सभी लो...

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धर्म अधर्म By नंदलाल मणि त्रिपाठी

आशीष इंस्पेक्टर सर्वदमन सिंह एव रम्या रमन कलावती से विदा लेकर उज्जैन के लिए रवाना हुआ उसके मानस पटल पर काशी से बीना तक की यात्रा के एक वर्ष जीवन के कुरुक्षेत्र के संग्राम का एक एक...

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कुरुक्षेत्र By नंदलाल मणि त्रिपाठी

रेलगाड़ी अपनी रफ़्तार से चलती जा रही थी देश के बिभन्न कोनो से बिभन्न जाती धर्मो भाषा के लोग एक साथ आपने अपने गंतव्य की तरफ चले जा रहे थे किसी के बीच कोई बैर भाव नही बल्कि सभी एक दूसर...

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जीवन उत्सव By नंदलाल मणि त्रिपाठी

आशीष रेलगाड़ी से गोरखपुर जंक्सन पर उतर गया रात को ही उसने भोजन किया था एक फूटी कौड़ी उसके पास नही थी यह उसका सौभाग्य ही था कि कप्तान गंज से गोरखपुर के बीच किसी भी टी टी से मुलाकात नह...

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आज ही क्यों नहीं ?? By Dhruv Prajapati

एक बार की बात है एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था | गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री...

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प्रो विकास दिव्यकीर्ति By Guri baba

आज इस लेख डॉ विकास दिव्यकीर्ति जीवन परिचय में हम जानेंगे कि कैसे वे IAS ऑफिसर की नौकरी छोड़कर शिक्षा और लेखन को अपना वेवशाय बनाया। विकास दिव्यकीर्ति का जन्म 26 dec. 1973 में हरियाण...

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क्या आज कल मां बाप पढ़ पाते है अपने बच्चो का मन? - 2 By Mansi

Chep 2 नमस्ते दोस्तो केसे है आप , तो मे आपसे फिर से मिल रही हूं क्या आज कल मा बाप पढ़ पाते है अपने बच्चो का मन? का part 2 के साथ। तो चलिए आज भी में आपको ले चलती हु मेरे मन की बातो...

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तवायफ By नंदलाल मणि त्रिपाठी

मुसई को जन्म देते ही अनिता चल बसी मंगल को बच्चे के लालन पालन के लिए बड़ी मुश्किलें आने लगी धन दौलत कि कोई कमी नही थी अतः उनके पास गांव वाले नित नए नए प्रस्ताव लेकर उनकी दूसरी शादी क...

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भारत - भारत वर्ष By Guri baba

भारत का इतिहास कई सहस्र वर्ष पुराना माना जाता है। भारत का प्राचीन नाम अजनाभवर्ष था। ऋषभदेव के सौ पुत्रों में सबसे बड़े पुत्र भरत के नाम पर बाद में भारतवर्ष पड़ा।65,000 साल पहले, पह...

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जीवन का सत्य By Deepak Singh

                                                                           जीवन का सत्य 1-हमें अपने जीवन का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्रता और जिम्मेदारी की आवश्यकता होती है। हमें जो...

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बोलते पत्थर By नंदलाल मणि त्रिपाठी

सत्तेस गढ़ राजघराना जंगलों के बीच छोटा सा रियासत जिसकी अपनी पहचान धाक हमेशा से रही हैं प्रसिद्ध रहस्यमय उपन्यास के उपन्याकार देवकी नंदन खत्री जी ने अपने उपन्यास चंद्रकांता संतति की...

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इंग्लिश भाषा By Guri baba

ऐतिहासिक दृष्टि से, अंग्रेज़ी भाषा की उत्पत्ति ५वीं शताब्दी की शुरुआत से इंग्लैंड में बसने वाले एंग्लो-सेक्सन लोगों द्वारा लायी गयी अनेक बोलियों, जिन्हें अब पुरानी अंग्रेज़ी कहा जा...

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हिंदी भाषा By Guri baba

इसे सुनेंहिन्दी भाषा का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना गया है। सामान्यतः प्राकृत की अन्तिम अपभ्रंश अवस्था से ही हिन्दी साहित्य का आविर्भाव स्वीकार किया जाता है। उस समय अपभ्रं...

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