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Anugya Mishra By Anugya Mishra

                                                आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) छात्रों की स्वाभाविक इंटेलिजेंस ख़त्म कर रही है |तकनीक को इंसान की मदद के लिए बनाया गया है, उसकी सोच की ज...

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चोर मचाए शोर By Virendra Dewangan

गरमी की छुट्टी लगते ही बनैला गांव के स्कूली बच्चे बोर होने लगे थे। उन्हें किसी काम में मजा नहीं आ रहा था। न बाटी-भौंरा, पिट्ठूल, लुका-छाई, पतंग उड़ाई में और न ही दादा-दादी के किस्से...

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घमंडी राजा और उसकी दयाल प्रजा By Kahaniyon Ki lahar

एक समय की बात है, एक बहुत ही विशाल और सुंदर जंगल था। उस जंगल में हर तरफ हरे-भरे पेड़, मीठे पानी के झरने और तरह-तरह के जानवर रहते थे।

उस पूरे जंगल पर शेरसिंह नाम के एक शेर का राज...

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હું રમતી હતી ઓટલે. By yogina patel

ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...

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​नक्षत्र यात्री By mamta

'नक्षत्र यात्री: हिमालय की कलाकृति' (सम्पूर्ण कहानी)​अध्याय 1: एक साहसी पुरातत्ववेत्ता

Pl l एक प्राचीन, भूरे पत्थर का मुहाना था—भगवान शिव से जुड़ी एक रहस्यमय कलाकृति को...

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The Great Gorila By Ravi Bhanushali

घने जंगल के हृदय में, जहाँ सूरज की रोशनी भी डरते-डरते ज़मीन तक पहुँचती थी, वहाँ एक ऐसा प्राणी रहता था जिसकी कहानी पीढ़ियों से सुनी जाती थी। उसे किसी ने नाम नहीं दिया था, फिर भी हर...

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शब्दों का बोझ By DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR

जब कोई चीज़ को बार-बार बोलना पड़े, फिर इन सब का मतलब शून्य हो जाता है।

कई बार लगता है कि मैं शब्दों का गुलाम हूँ। हर भावना को, हर चोट को, हर उम्मीद को शब्दों में पिरोना पड़ता है...

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तेरी मेरी यारी By Ashish Kumar Trivedi

ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल की छुट्टी का समय हो रहा था। स्कूल के बाहर आइसक्रीम बेचने वाले आकर खड़े हो गए थे। एक काले रंग की वैन दो बार स्कूल के सामने से गुज़र चुकी थी।

छुट्टी की घंटी...

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आम का बगीचा By puja

'और मास्टर जी, आजकल फिर यहीं...?'


चंदन ने अपनी लहराती साइकल की तेज़ रफ़्तार को जान- बूझकर ब्रेक लगाया और घंटी बजाकर मास्टर जी को जगाते हुए पूछा।


जून की तपती दुपहर...

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विवान द सुपर स्टार By Himanshu Singh

विवान महज दो महीने का लड़का था जो बालपन में ही बड़ा खुश मिजाज था। उसके चेहरे पर हर पल हल्की सी मुस्कुराहट रहती थी।

विवान के होने से पहले उसके माता-पिता ने उसके पालन पोषण, उसको किस...

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Anugya Mishra By Anugya Mishra

                                                आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) छात्रों की स्वाभाविक इंटेलिजेंस ख़त्म कर रही है |तकनीक को इंसान की मदद के लिए बनाया गया है, उसकी सोच की ज...

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चोर मचाए शोर By Virendra Dewangan

गरमी की छुट्टी लगते ही बनैला गांव के स्कूली बच्चे बोर होने लगे थे। उन्हें किसी काम में मजा नहीं आ रहा था। न बाटी-भौंरा, पिट्ठूल, लुका-छाई, पतंग उड़ाई में और न ही दादा-दादी के किस्से...

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घमंडी राजा और उसकी दयाल प्रजा By Kahaniyon Ki lahar

एक समय की बात है, एक बहुत ही विशाल और सुंदर जंगल था। उस जंगल में हर तरफ हरे-भरे पेड़, मीठे पानी के झरने और तरह-तरह के जानवर रहते थे।

उस पूरे जंगल पर शेरसिंह नाम के एक शेर का राज...

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હું રમતી હતી ઓટલે. By yogina patel

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शब्दों का बोझ By DHIRENDRA SINGH BISHT DHiR

जब कोई चीज़ को बार-बार बोलना पड़े, फिर इन सब का मतलब शून्य हो जाता है।

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तेरी मेरी यारी By Ashish Kumar Trivedi

ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल की छुट्टी का समय हो रहा था। स्कूल के बाहर आइसक्रीम बेचने वाले आकर खड़े हो गए थे। एक काले रंग की वैन दो बार स्कूल के सामने से गुज़र चुकी थी।

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आम का बगीचा By puja

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विवान द सुपर स्टार By Himanshu Singh

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विवान के होने से पहले उसके माता-पिता ने उसके पालन पोषण, उसको किस...

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