Animals Books and Novels are free to read and download

You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.


Languages
Categories
Featured Books
  • चीनी लड़के की रहस्यमयी कहानी

                                                                      चीनी लड़के की...

  • अंधेर रात - भाग 3

    Part 3 — पीछे कौन थाछप… छप… छप…कमरे के अंदर गीले पैरों की आवाज़ साफ सुनाई दे रही...

  • महाभारत की कहानी - भाग 226

    महाभारत की कहानी - भाग-२३० यज्ञ के घोड़े के साथ अर्जुन की यात्रा   प्रस्तावना कृष...

  • बॉलीवुड की गुमनाम डांसर - 2

       बॉलीवुड की गुमनाम डांसर  2       डांसिंग दिवा जिन्होंने ट्रेंड बदल दिया नोट -...

  • Rebron of Novel Girl

    मिस्टी कपूर जिसने म्यूजिक इंडस्ट्री  अपनी मेहनत से करी की थी उसे बहुत मेहनत करना...

  • शरीक़-ए- ज़िंदगी

    कॉलेज रियूनियन की पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। पुरानी यादों की महक के बीच घुलने...

  • प्रेरणास्पंदन - 4-5

    अध्याय :4जीवन की मशाल और संघर्ष का संकल्प                     मानव जीवन एक ऐसी स...

  • आसक्ति और प्रेम में क्या अंतर है?

    आसक्ति और प्रेम में क्या अंतर है?परम पूज्य दादा भगवान की दृष्टि से मोह और आसक्ति...

  • Ghost hunters - 7

    सीढ़ियों के नीचे से आती आवाज अब साफ थी धीमी, भारी और इस बार एक नहीं कई कमरे की ह...

  • वो खोफनाक रात - 7

    पिछली कहानी में हमने पढा कि लावण्या और लक्षिता बहाना बनाकर ट्रिप पर जाना कैंसल क...

कुतिया By Baalak lakhani

इस दिवाली की रात शायदा करीब करीब 2/3 बजे होंगे मेरी नींद खुल गई थी मे कमरे से बाहर निकला सोचा कुछ टहल के फिर बिस्तर पर गिरा जाए ताकि सुबह तक आंख ना खुले, हमारे प्लांट के कंपाउंड मे...

Read Free

डोगी का प्रेम By Captain Dharnidhar

मेरी दिन मे दो बार धर्म पत्नी से बात होती थी अक्सर फोन मै ही करता था किन्तु एक दिन मोबाईल पर घंटी बजी टर्न..टर्न मैने देखा कि पत्नी का फोन.. मै खुश हुआ खुशी का कारण यह था कि जब भी...

Read Free

कुतिया By Baalak lakhani

इस दिवाली की रात शायदा करीब करीब 2/3 बजे होंगे मेरी नींद खुल गई थी मे कमरे से बाहर निकला सोचा कुछ टहल के फिर बिस्तर पर गिरा जाए ताकि सुबह तक आंख ना खुले, हमारे प्लांट के कंपाउंड मे...

Read Free

डोगी का प्रेम By Captain Dharnidhar

मेरी दिन मे दो बार धर्म पत्नी से बात होती थी अक्सर फोन मै ही करता था किन्तु एक दिन मोबाईल पर घंटी बजी टर्न..टर्न मैने देखा कि पत्नी का फोन.. मै खुश हुआ खुशी का कारण यह था कि जब भी...

Read Free