RAAKH - खामोश चीखों का शहर by Gxxpal R23aywarlkg

RAAKH - खामोश चीखों का शहर by Gxxpal R23aywarlkg in Hindi Novels
इस शहर में, सूरज उम्मीद जगाने नहीं उगता था; वह तो बस पिछली रात के ज़ख्म दिखाने उगता था। यह कोई ऐसी जगह नहीं थी जो संविधा...
RAAKH - खामोश चीखों का शहर by Gxxpal R23aywarlkg in Hindi Novels
दादासाहेब की ताकत सिर्फ़ उनकी पॉलिटिकल पहुँच या उनके पैसे से नहीं आई थी; यह उनके घर में रहने वाले तीन सायों से जुड़ी थी—...
RAAKH - खामोश चीखों का शहर by Gxxpal R23aywarlkg in Hindi Novels
दादासाहेब राख से प्यार नहीं करते थे; वे राख से होने वाली तबाही की पूजा करते थे। दुनिया के लिए, दादासाहेब राजा थे, लेकिन...
RAAKH - खामोश चीखों का शहर by Gxxpal R23aywarlkg in Hindi Novels
दया की कीमतसूरज डूब रहा था, पड़ोस पर लंबी, खूनी परछाईं पड़ रही थी। नया परिवार यह डरावना नज़ारा देखकर स्तब्ध खड़ा रह गया।...