Varun Books | Novel | Stories download free pdf

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 7: निष्कर्ष

by Varun

रसोई में चाय उबल रही थी। रश्मि अदरक कूट रही थी और सौम्या कप ट्रे में सजा रही थी। ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 6: मर्ज़ी

by Varun
  • 315

शादी में पाँच दिन बाकी थे। सौम्या का फोन अचानक कंपन करता है। वह चौंकती है। स्क्रीन पर करण ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 5: बदले की हवा

by Varun
  • 873

रात का जंगल कीड़ों की किटकिट और सियारों की हुंकारों से भरा था। पुराने पत्थर की खदान के पास ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 4: मेहँदी

by Varun
  • 849

शादी में छह दिन बाकी थे। आँगन में मेहँदी की रस्म चल रही थी। सौम्या ज़मीन पर बिछे गद्दों ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 3: डाकू-जख्खड़

by Varun
  • 1.1k

मटन बिरयानी की खुशबू अब भी हवा में तैर रही थी। मंत्री जगनमोहन दयाल ने उँगलियाँ धोते हुए तसल्ली ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 2: चुप्पी

by Varun
  • (0/5)
  • 997

बाथरूम वाली घटना की उसी शाम, बड़ी हवेली होने वाली शादी की सजावट से जगमगा रही थी। यही हवेली ...

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 1: निर्वस्त्र

by Varun
  • (0/5)
  • 3.4k

घर भरा हुआ था। आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक। शादी की तारीख़ पास थी, ...

उस बाथरूम में कोई था - अध्याय 8 (फिनाले)

by Varun
  • 1.6k

रंजीत की कहानी समाप्त होते ही अलाव की धीमी चटक सबसे तेज़ आवाज़ बन गई। कोई कुछ नहीं बोला। ...

उस बाथरूम में कोई था - अध्याय 7

by Varun
  • 1.6k

अस्पताल से लौटकर शाम ढलने तक हम सब चुपचाप एक साथ बैठे रहे। मौसी के कमरे की डरावनी हालत, ...

उस बाथरूम में कोई था - अध्याय 6

by Varun
  • (5/5)
  • 1.6k

मैंने फ़ोन स्क्रीन की आख़िरी लाइन दोबारा पढ़ी—“जमालीपुरा अस्पताल पहुँचिए। जल्दी।” दिल की धड़कन तेज़ हो गई। “निश! बाहर ...