मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं ...
यह कहानी कुछ ही दिन पहले की है। एक दिन मैं अपनी डायरी में कहानी लिख रहा था। तभी मेरी ...
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "अरे प्रियांशी, कुछ हुआ तो नहीं मुझे ?" प्रियांशी बोली, "हाँ, इतना कुछ हो गया और ...
कटनी मध्य प्रदेश (भारत ) एक बार मैं ट्रेन से सफर कर रहा था। कानों में लीड (Earphones) लगाए मैं ...
एक दिन मैं लिख रहा था कि 'मोहब्बत सभी को मिलती है', तभी अचानक मेरी कलम की नोक (निब) ...