लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन। समय: रात 11 बजे। लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के बीच एक खामोशी है, जो सिर्फ लड़के और लड़की के बीच की अनकही दास्तान को बढ़ा रही है। Shristi (अंदर से सोच रही थी, आवाज़ धीमी और कांपती हुई) बोली - मैं... मैं क्यों आ रही हूँ? ये मेरी जिंदगी का सबसे डरावना दिन क्यों बन गया है?
ज़ख्मों की शादी - 1
लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।समय: रात 11 और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के बीच एक खामोशी है, जो सिर्फ लड़के और लड़की के बीच की अनकही दास्तान को बढ़ा रही है।Shristi (अंदर से सोच रही थी, आवाज़ धीमी और कांपती हुई) बोली -मैं... मैं क्यों आ रही हूँ? ये मेरी जिंदगी का सबसे डरावना दिन क्यों बन गया है?Shristi की आंखों में आंसू थे। वो अपने हाथ में जड़े हुए जोड़े को कसकर पकड़ रही थी। उसकी सांसें ...Read More