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MTNL की घंटी - 11

by kk
  • 150

महक चुपचाप सब सुन रही थी...तभी ताया जी की आवाज़ टूटी — भारी, थकी हुई, जैसे वर्षों का बोझ ...

ममता ...एक अनुभूति... - 5

by kk
  • 510

थकान और कमजोरी से लड़की की आँखें भारी होने लगीं। नींद और बेहोशी के बीच बड़बड़ाई—“माता रानी… मैंने कभी ...

MTNL की घंटी - 10

by kk
  • 567

कभी-कभी इंसान इतना भावुक हो जाता है कि जो भावना शब्दों में नहीं ढलती, वो आँखों के रास्ते बाहर ...

ममता ...एक अनुभूति... - 4

by kk
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लड़की ने बोलना जारी रखा...राज ठाकुर की पत्नी सुनीता ने अचानक मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया और मुझे भीतर ...

ममता ...एक अनुभूति... - 3

by kk
  • 900

केशव वैसे ही अपनी परेशानी से जूझ रहा था उस पर यह लड़की उसकी समझ से बाहर थी।दिल तो ...

ममता ...एक अनुभूति... - 2

by kk
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जैसे ही वे लोग मुड़ने लगे, तभी बच्चे की हल्की-सी रोने की आवाज़ डिब्बे में गूँज गई।लड़की घबराकर तुरंत ...

ममता ...एक अनुभूति... - 1

by kk
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केशव किसी तरह धक्कामुक्की से निकलते हुए सप्त क्रांति ट्रेन में चढ़ पाया।पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन लोगों से खचाखच ...

MTNL की घंटी - 9

by kk
  • 1.4k

दस दिन की बेचैनी, दुआओं, और देखभाल के बाद…आज देव जी को हॉस्पिटल से छुट्टी मिल रही थी।महक के ...

MTNL की घंटी - 8

by kk
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  • 969

ताया जी आ गए कप टूटने की आवाज सुन कर.."महक , चिंटू कही लगी तो नहीं""नहीं ताया जी ..ठीक ...

MTNL की घंटी - 7

by kk
  • (0/5)
  • 1k

शाम के चार बज चुके थे...महक मुँह-हाथ धोकर आँगन में बैठी थी...धीरे-धीरे ढलती धूप की सुनहरी किरणें आँगन के ...