Sagar Joshi Books | Novel | Stories download free pdf

PLATFORM - 3

by V R
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---Chapter 3: फँसा हुआरात के 11:51।---प्लेटफ़ॉर्म पर वही हल्की गूंज।Announcements दूर से आ रही थीं…पर साफ नहीं।जैसे कोई आवाज़ ...

PLATFORM - 2

by V R
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Chapter 2: वही रात… फिर सेरात के 11:52।घड़ी की सुई जैसे अटक गई हो।---प्लेटफ़ॉर्म पर ट्यूब लाइट झपक रही ...

PLATFORM - 1

by V R
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Chapter 1: आख़िरी लोकलरात के 11:52।ट्रेन छूटने ही वाली थी।अंगद दौड़ते हुए प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचा।फोन कंधे और कान के ...

BAGHA AUR BHARMALI - 10

by V R
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Chapter 10 — भारमाली और बागा का अंतआशानंद अब बागा और भारमाली के पास ही रहने लगे थे।राजमहल की ...

BAGHA AUR BHARMALI - 9

by V R
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Chapter 9 — मालदेव द्वारा राजकवि आशानंद को भेजनाबागा भारमाली को लेकर भाग गया था।और यह खबर जब जोधपुर ...

BAGHA AUR BHARMALI - 8

by V R
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Chapter 8 — भारमाली और बागा की प्रेम यात्रारेगिस्तान के ऊपर की सुबह हमेशा की तरह शांत नहीं थी।बागा ...

BAGHA AUR BHARMALI - 7

by V R
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Chapter 7 — जैतसिंह की रानियों का षड्यंत्र और भारमाली–बागा का भगा ले जानाजैसलमेर के किले में पिछले कुछ ...

BAGHA AUR BHARMALI - 6

by V R
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उम्मादे के जाने के बाद जोधपुर का किला भीतर से जैसे खोखला हो गया था।जहाँ पहले रानियों की उपस्थिति ...

દિલનો કિરાયેદાર - 5

by V R
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સવારે લગભગ અગિયાર વાગ્યા હતા।હૉસ્પિટલના ગલિયારે દોડતા ડૉક્ટર્સ, બીપ કરતી મશીનો અને થાકી ગયેલી નર્સો —એવો માહોલ જેમાં અવાજો ...

BAGHA AUR BHARMALI - 5

by V R
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Chapter 5 — भारमाली-मालदेव संबंध और उम्मादे का रुठ जानाशाम का समय था।जोधपुर के महल में उस दिन कुछ ...