---Chapter 3: फँसा हुआरात के 11:51।---प्लेटफ़ॉर्म पर वही हल्की गूंज।Announcements दूर से आ रही थीं…पर साफ नहीं।जैसे कोई आवाज़ ...
Chapter 2: वही रात… फिर सेरात के 11:52।घड़ी की सुई जैसे अटक गई हो।---प्लेटफ़ॉर्म पर ट्यूब लाइट झपक रही ...
Chapter 1: आख़िरी लोकलरात के 11:52।ट्रेन छूटने ही वाली थी।अंगद दौड़ते हुए प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचा।फोन कंधे और कान के ...
Chapter 10 — भारमाली और बागा का अंतआशानंद अब बागा और भारमाली के पास ही रहने लगे थे।राजमहल की ...
Chapter 9 — मालदेव द्वारा राजकवि आशानंद को भेजनाबागा भारमाली को लेकर भाग गया था।और यह खबर जब जोधपुर ...
Chapter 8 — भारमाली और बागा की प्रेम यात्रारेगिस्तान के ऊपर की सुबह हमेशा की तरह शांत नहीं थी।बागा ...
Chapter 7 — जैतसिंह की रानियों का षड्यंत्र और भारमाली–बागा का भगा ले जानाजैसलमेर के किले में पिछले कुछ ...
उम्मादे के जाने के बाद जोधपुर का किला भीतर से जैसे खोखला हो गया था।जहाँ पहले रानियों की उपस्थिति ...
સવારે લગભગ અગિયાર વાગ્યા હતા।હૉસ્પિટલના ગલિયારે દોડતા ડૉક્ટર્સ, બીપ કરતી મશીનો અને થાકી ગયેલી નર્સો —એવો માહોલ જેમાં અવાજો ...
Chapter 5 — भारमाली-मालदेव संबंध और उम्मादे का रुठ जानाशाम का समय था।जोधपुर के महल में उस दिन कुछ ...