---------------अमर की बात सुनकर चारू सुन्न पड जाती है। वो अपलक अमर को देखती रहती है। उहकी समझ मे ...
---------------चारू के लाख जतन करने पर भी अमर उसे लेकर कार मे आ जाता है। वो उसे आराम से ...
----------------स्टेज से भागकर चारू युनिवरासिटि के एक सुनसान केन्द्र मे आ गई थी। वो एक पिलर से टिक कर ...
-------------स्टाफ रूम का माहोल अजीब सा हो गया था। चारू हैरत मु आर्दश को देख रहे थी। आर्दश ने ...
-------------रुद्रिका की धड़कनें इस कदर तेज़ हो चुकी थीं कि उसे डर था कहीं उसकी आवाज़ रौक्षिण तक न ...
---------------रूद्रिका जब युनिवर्सिटी आई तो उसने देखा रौक्षिण की रोलस रोयस पहले से ही अफनी जगह पर खडी थी। ...
-----------------रात के ग्यारह बज चुके थे। रायदित मैंशन का मास्टर बेडरूम हमेशा की तरह मुकम्मल खामोशी में डूबा हुआ ...
--------------रौक्षिण ने एक गहरी सांस ली। रुद्रिका की उंगलियां उसकी किताब पर टिकी थीं और उसकी आँखें किसी मासूम, ...
--------------लेक्चर हॉल से बाहर कदम रखते ही रौक्षिण की चाल हमेशा की तरह तेज़ थी, लेकिन उसके दिमाग में ...
---------------रूद्रिका की बात सुनकर रौक्षिण की भंवे सिकुड गई।" कर्ज ? कैसा कर्ज ? ", रौक्षिण ने सवाल किया।रूद्रिक ...