GANESH TEWARI 'NESH' (NASH) Books | Novel | Stories download free pdf

पंचब्रह्मोषनिषद

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 54

---- : पञ्चब्रह्मोपनिषद्:---पञ्चब्रह्मोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है। इसमें भगवान् शिव के पाँच ब्रह्मस्वरूप—सद्योजात, अघोर, वामदेव, तत्पुरुष ...

गरुड़ोंपनिषद

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 681

---- : गरुड़ोपनिषद:---गरुड़ोपनिषद अथर्ववेद से संबद्ध वैष्णव उपनिषद् के रूप में सूचीबद्ध है। इसका मुख्य विषय विष-निवारण से संबंधित ...

श्री सौभाग्य लक्ष्मी उपनिषद

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 639

श्रीसौभाग्यलक्ष्म्युपनिषद् —सौभाग्योपनिषद् का प्रचलित पूर्ण नाम सौभाग्यलक्ष्म्युपनिषद् है। यह ऋग्वेदीय शाक्त उपनिषद् है और इसमें श्रीलक्ष्मी-विद्या, योग, समाधि तथा ...

श्री सरस्वती रहस्योपनिषद

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 918

श्रीसरस्वतीरहस्योपनिषद-- सरस्वती रहस्य उपनिषद् को सामान्यतः कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् माना जाता है, न कि अथर्ववेद से। ...

कलि संतरणोपनिषद

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 1.2k

कलि-सन्तरण उपनिषद्--कलि-सन्तरण उपनिषद् अथर्ववेद से सम्बद्ध एक लघु उपनिषद् माना जाता है। इसमें कलियुग के दोषों से पार होने ...

ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 1.1k

यजुर्वेद सूक्ति(17} की व्याख्या"ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद --11/84भावार्थ-- हे ईश्वर! हमें दिव्य ज्ञान प्रदान करें।वेदों में प्रमाण --“ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्” — यजुर्वेद ...

मनोयज्ञेन कल्पताम्

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 1.4k

यजुर्वेद सूक्ति(16) की व्याख्या'"मनोयज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद --11/84हे ईश्वर! हमारे मन को शुद्ध करें।हाँ, यह भावार्थ सुंदर है, पर एक छोटी ...

वाग्यज्ञेन कल्पताम्

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 1.9k

यजुर्वेद सूक्ति(15) की व्याख्याति"वाग्यज्ञेन कल्पताम्"अयजुर्वेद --11/84भावार्थ --हे ईश्वर! हमारी वाणी शुद्ध हो। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहित-- यहाँ एक ...

श्रोत्रं यज्ञेन कल्पताम्

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 1.8k

यजुर्वेद सूक्ति(14) की व्याख्या"श्रोत्रंयज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद--11/81भावार्थ--हमारे कान शुभ वचनों को ग्रहण करने वालेबनें।वेदों में प्रमाण--“हमारे कान शुभ/कल्याणकारी वचन सुनें और ...

चक्षुर्यज्ञेन कल्पताम्

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
  • 2k

यजुर्वेद सू्क्ति(13) की व्याठ्या"चक्षुर्यज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद --11/84भावार्थ --हे ईश्वर ! हमारी दृष्टि पवित्र और सत्यदर्शी बने।मंत्रचक्षुर्यज्ञेन कल्पताम्।— यजुर्वेद 11.84भावार्थ:हे ईश्वर! ...