GANESH TEWARI 'NESH' (NASH) Books | Novel | Stories download free pdf

मन को स्थिर रखकर सत्य को जानना

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋगुवेद सूक्ति-- (63)की व्याख्या"धियं धारय"ऋगुवेद --8/1/5भावार्थ -- मन को स्थिर रखो।मंत्र:“धियं धारय” — ऋग्वेद 8.1.5शब्दार्थ--धियं (धियः) = बुद्धि, मन, ...

हार मत मानो

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
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ऋगुवेद सूक्ति-- (62) की व्याख्या"न मृष्यसे"ऋगुवेद --1/116/2हार मत मानो। सामना करो।“न मृष्यसे” (ऋग्वेद 1/116/2) का अर्थ थोड़ा सूक्ष्म है, ...

व्याख्या ऋगुवेद की

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
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ऋगुवेद सूक्ति--(61) की व्याख्या"बलं धेहि"ऋगुवेद --4/9/6भाव--शक्ति प्रदान करो।ऋग्वेद मण्डल 4, सूक्त 9, मन्त्र 6 का “बलं धेहि” पद अत्यन्त ...

शक्ति धारण करो

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
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ऋगुवेद सूक्ति-(60) की व्याख्या"श्रेष्ठ यश:"ऋगुवेद --4/33/11भावार्थ --श्रेष्ठ यश प्राप्त करो।ऋग्वेद 4/33/11 में “श्रेष्ठ यश:” का भाव वास्तव में मनुष्य ...

चरैवेति चरैवेति

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
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ऋगुवेद सूक्ति--(51)की व्याख्या“नव्यो नव्यो भवति” (ऋग्वेद-- 1/31/8)का भाव बहुत प्रेरणादायक और गहन है।शब्दार्थ:--नव्यो नव्यः = बार-बार नया, सदैव नवीनभवति ...

ऋगुवेद सूक्ति (१२) की व्याख्या

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
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ऋगुवेद सूक्ति-(१२) की‌ व्याख्या-“त्वमस्माकं तव स्मसि”ऋगुवेद --८/९२/३२भावार्थ --प्रभु ! तू हमारा है हम‌ तेरे‌ हैं।यह आत्मसमर्पण, आश्रय और दिव्य–संबंध ...

ईश्वर भक्त नष्ट नहीं होता

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
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ऋगुवेद सूक्ति-- (१०) की व्याख्या“न रिष्यते त्वावतः सखा” — (जो ईश्वर का सखा/भक्त है वह नष्ट नहीं होता) —इस ...

ऋगुवेद सूक्ति (११) की व्याख्या

by GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
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“ऋगुवेद सूक्ति--(11) की व्याख्या--एको विश्वस्य भुवनस्य राजा” —ऋग्वेद -- ६/३६/४भावार्थ --सब लोकों का स्वामी वह एक ही है।पूर्ण ऋचा ...