CHIRANJIT TEWARY Books | Novel | Stories download free pdf

तेरे मेरे दरमियान - 70

by CHIRANJIT TEWARY

कुछ लोग मुस्कुरा रहे थे—“लगता है आदित्य सर का सॉफ्ट साइड भी है।”जानवी यह सब देख सुन रही थी, ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 49

by CHIRANJIT TEWARY
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दुसरा आदमी कहता है--> पहले तो ना देखे है तन्ने यहां । ऐ कौन हो भाया और यहां के ...

तेरे मेरे दरमियान - 69

by CHIRANJIT TEWARY
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“मोनिका की बात अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि कृतिका ने बीच में ही काटते हुए कहा—”कृतिका :- ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 48

by CHIRANJIT TEWARY
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चट्टान सिंह की बात सुनकर दक्षराज बहुत घबरा जाता है़ और फोन को काट देता है। दक्षराज अपना सिर ...

तेरे मेरे दरमियान - 68

by CHIRANJIT TEWARY
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कृतिका कहती है --कृतिका :- हां कम क्या , प्यार है नही आदित्य को दिल मे तुम्हारे लिए । ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 47

by CHIRANJIT TEWARY
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एकांश की बात सुनकर सत्यजीत कहता है---> नही बैटा अब वो ऐसा नही कर पाएगी क्योकीं भैयाऔर मैं साधु ...

तेरे मेरे दरमियान - 67

by CHIRANJIT TEWARY
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काली गुस्से अपने दांत भिंचते हूए कहता है ---काली :- " आ....ह , थक गया हूँ मैं इन पुलिस ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 46

by CHIRANJIT TEWARY
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एकांश कहता है--->" नहीं वर्षाली ये जानते हूए भी के इस मणि मे तुम्हारी सारी शक्ति हैं मे इसे ...

तेरे मेरे दरमियान - 66

by CHIRANJIT TEWARY
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मोनिका :- पर .. क्या आदित्य फिर से मुझे अपना़येगा , मोनिका जो करना है जल्दी कर तेरे पास ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 45

by CHIRANJIT TEWARY
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उस तांत्रीक ने अपने जेब से मुठ्ठी बंद करके कुछ निकालता है और मंत्र बड़बड़ाकर वर्षाली पर के उपर ...