CHIRANJIT TEWARY Books | Novel | Stories download free pdf

तेरे मेरे दरमियान - 81

by CHIRANJIT TEWARY

मोनिका :- ये दैखो उसने मुझसे शादी का वादा किया था , फिर मेरे साथ वो सब किया और ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 59

by CHIRANJIT TEWARY
  • 150

त्रिजला कहती है--> आपकी आञा हो तो इसे अभी यहां से कुंभ्मन के पास लेकर चलुं ?मातंक त्रिजला को ...

तेरे मेरे दरमियान - 80

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.7/5)
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मोनिका वहां से उठती है और बाहर आ जाती है , अब मोनिका के चेहरे पर एक हल्की मुस्कान ...

तेरे मेरे दरमियान - 79

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.9/5)
  • 939

जानवी :- अगर तुम दोबारा मेरे सामने आए तो कसम से मैं अपनी जान दे दूगी , आज के ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 58

by CHIRANJIT TEWARY
  • 606

चतूर कहता है ----> आलोक क्यों ना बाईक को कुछ दुर और अंदर ले जाकर दैखते है़ ?आलोक कहता ...

तेरे मेरे दरमियान - 78

by CHIRANJIT TEWARY
  • (5/5)
  • 1.1k

रागिनी आदित्य के आंखों मे जानवी के लिए प्यार और चिंता दैखती है , आदित्य ने सवाल तो धिरे ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 57

by CHIRANJIT TEWARY
  • 690

> मालिक ! इस कागज पर ऐसा क्या लिखा है जिससे पड़कर आपकी ये हालत हो गयी।दक्षराज कागज़ को ...

तेरे मेरे दरमियान - 77

by CHIRANJIT TEWARY
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  • 6.8k

रमेश: - “जल्दी!! अंदर ले चलो!!”आदित्य ने हल्के से जानवी को अपनी बाँहों में उठाया, पर उसके उठते ही ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 56

by CHIRANJIT TEWARY
  • 8.5k

गुणा कहता है --> क्या बात है यार ये अचानक बाइक की लाइट क्यो बंद हो गई।आलोक बाइक की ...

तेरे मेरे दरमियान - 76

by CHIRANJIT TEWARY
  • (5/5)
  • 1.9k

जानवी ने अपना चेहरा अपने हाथों में छुपा लिया।कार मे वो अकेली थी लेकिन उसके अंदर अकेलापन समंदर जैसा ...