हुक्म और हसरत -29

(15)
  • 999
  • 297

️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 29 — पहला फैसलासुबह की हल्की धूप राजमहल की खिड़कियों से होकर कमरे में आ रही थी।सिया आईने के सामने खड़ी अपने बाल ठीक कर रही थी।आज उसके चेहरे पर कल वाली झिझक नहीं थी।कल उसने कई दिनों बाद काम की दुनिया में कदम रखा था।और आज…वह खुद को साबित करने के लिए तैयार थी।तभी दरवाजा खुला।कव्या हाथों में कुछ फाइलें लिए अंदर आई।“राजकुमारी साहिबा…”सिया ने पलटकर देखा।“हाँ?”कव्या ने फाइलें आगे बढ़ाईं।“आज आपके लिए थोड़ा मुश्किल काम है।”सिया ने फाइलों को देखा।“कल भी आपने यही कहा था।”“और कल आपने आधी रात तक काम किया था।”“तो?”कव्या